Saturday, 13 April 2019

ए.आर. रहमान ने रचा ‘एवेंजर्स: एंडगेम की रिलीज के लिए भारत का मार्वल ऐन्थम


मार्वल इंडिया ने फिल्म एवेंजर्स: एंडगेम पर अपनी विशेष प्रतिभा की छाप छोड़ने के लिए भारत के संगीत उस्ताद – ए.आर. रहमान को आमंत्रित किया है। ऑस्कर विजेता रहमान मार्वल के भारतीय प्रशंसकों के लिए तीन भाषाओं - हिंदी, तमिल और तेलुगु में एक बिल्कुल नया ऐन्थम तैयार करेंगे। गीत का ट्रैक पहली अप्रैल को जारी किया जाएगा।

देश भर के प्रशंसक इस शानदार अंजाम एवेंजर्स: एंडगेमको साल की बहुप्रतीक्षित फिल्म बनाते हुए इसका बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय प्रशंसकों ने मार्वल सुपर हीरोज को बेहद प्यार दिया है और उन्हें अपनाया है। फिल्म एवेंजर्स: इन्फिनिटी वॉर की सफलता मार्वल की मौजूदा लोकप्रियता का सबसे बड़ा सबूत है। एवेंजर्स: एंडगेम का किरदार थानोस जिस तरह हमारी पृथ्वी की आधी आबादी का सफाया करता है, उसको लेकर फिल्म के बारे में होने वाली चर्चा बेमिसाल है।
अपने परिवार में ही मार्वल के प्रशंसकों से घिरा होने के कारण एवेंजर्स: एंडगेम के लिए वाकई कोई संतोषजनक और उपयुक्त चीज तैयार करने का मुझ पर बहुत अधिक दबाव था। मुझे उम्मीद है कि मार्वल को चाहने वाले और तमाम संगीत प्रेमी इस ट्रैक का भरपूर आनंद लेंगे,” – ऐसा ए.आर. रहमान का कहना है ।
"एवेंजर्स: एंडगेम महज एक फिल्म नहीं है, यह भारत में हर जगह मौजूद प्रशंसकों के लिए एक भावनात्मक यात्रा है। ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान से मौलिक गीत की रचना करवाना देश में मौजूद अनगिनत प्रशंसकों के मन में मार्वल के लिए उमड़ने वाले प्यार का जश्न मनाने का उपयुक्त तरीका था। यह प्रशंसकों के असाधारण समर्थन के लिए उनको धन्यवाद देने का हमारा छोटा-सा तरीका है।“- ऐसा मार्वल इंडिया के स्टूडियो के प्रमुख बिक्रम दुग्गल का कहना है । 

एवेंजर्स: एंडगेम के बारे में
थानोस द्वारा चलाए गए गंभीर घटनाक्रम में आधा ब्रह्मांड मिट जाता है और एवेंजर्स की तमाम श्रेणियां तहसनहस हो जाती हैं। इन हालात में बचे हुए एवेंजर एक आखिरी संघर्ष करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। मार्वल स्टूडियोज के लिए 22 फिल्मों की श्रृंखला को शानदार अंजाम तक पहुंचाने वाली फिल्म "एवेंजर्स: एंडगेम्स" में यही भव्य संघर्ष दिखाया गया है। 
केविन फीज "एवेंजर्स: एंडगेम" के निर्माता हैं तथा एंथनी और जो रूसो फिल्म के निर्देशक हैं। लुई डेस्पोसितो, विक्टोरिया अलोंसो, माइकल ग्रिलो, ट्रिन्ह ट्रान, जोन फेवरू और स्टेन ली फिल्म के कार्यकारी निर्माता हैं। स्क्रीनप्ले क्रिस्टोफर मार्कस और स्टीफन मैकफीली ने लिखा है। "एवेंजर्स: एंडगेम" 26 अप्रैल को अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी।

Wednesday, 10 April 2019

अक्षय कुमार की पहली फिल्म 'सौगंध' का बैकग्राउंड म्यूजिक देने वाले राजू सिंह का 'केसरी' तक का सफ़र



जिस तरह फिल्मो के संगीतकार की अहमियत होती है उसी तरह उन फिल्मो का बैकग्राउंड म्यूजिक देने वाले की भी अपनी महत्ता होती है. राजू सिंह की पहचान बैकग्राउंड म्यूजिक के उस्ताद के रूप में होती है. बॉलीवुड की अनेक फिल्मों में वह बैकग्राउंड म्यूजिक देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। हाल ही में अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी' के बैकग्राउंड म्यूजिक की वजह से चर्चित राजू सिंह संगीत निर्देशक के रूप में भी कई फिल्मो में हिट गाने कम्पोज कर चुके हैं।
राजू सिंह लगभग तीन दशकों से लगातार संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. कभी उन्होंने किसी और म्यूजिक डायरेक्टर के गिटारिस्ट बनकर तो कभी ड्रमर बनकर अपनी सेवायें दी हैं. संगीत का शौक बचपन से रखने वाले राजू ने 1983 में "वारिस " फिल्म में लता मंगेशकर के एक गाने में गिटार बजाया था। उत्तम सिंह ने पहली बार उन्हें चांस दिया था। बाद में अमर हल्दीपुर के साथ काम किया और फिर आर डी बर्मन कैंप में शामिल होकर संगीत की बारिकियाँ सीखीं। ''म्यूजिशियन के रूप में मैंने कई संगीतकारों के साथ काम किया हुआ है. पंचम दा आरडी बर्मन के साथ गिटारिस्ट के रूप में काम किया था. फिर आनंद मिलिंद, नदीम श्रवण, वीजू शाह,अनु मलिक के साथ म्यूजिशियन के तौर पर काम किया. इसी दौरान सीरियल "बनेगी अपनी बात" के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक देने का ऑफर मिला. फिर मुझे विनोद खन्ना स्टारर फिल्म कारनामा के लिए बैक ग्राउंड स्कोर करने का पहली बार मौका मिला. इसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. मुझे भी लगा कि किसी और म्यूजिक डायरेक्टर के लिए सिर्फ गिटार बजाने से बेहतर है कि अपनी एक अलग पहचान बनाई जाए. और इस तरह बैकग्राउंड म्यूजिक देने में बेहद व्यस्त हो गया. अक्षय कुमार की पहली फिल्म 'सौगंध' का बैकग्राउंड म्यूजिक मैंने दिया था.
सैनिक, मिस्टर बांड, सबसे बड़ा खिलाडी, खिलाडियों का खिलाडी जैसी अक्षय कुमार की कई फिल्मो का बैक ग्राउंड म्यूजिक मैंने दिया. उसके बाद अक्षय के साथ मुझे 'केसरी' जैसी बड़ी फिल्म करने का मौका मिला. १९९६ में रिलीज़ हुई खिलाडियों का खिलाडी के 23 साल बाद अक्षय के साथ केसरी फिल्म में काम किया.''
अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी' से जुड़ने के सन्दर्भ में राजू सिंह कहते हैं ''अधिकतर फिल्मे बैक ग्राउंड म्यूजिक के लिए हमारे पास शूटिंग और एडिटिंग के बाद आती हैं. लेकिन केसरी की शूटिंग से पहले मैं इस मुवि से जुड़ गया था. मैंने इसके कुछ सीन के लिए बैक ग्राउंड म्यूजिक उस सीन की शूटिंग से पहले ही कम्पोज़ कर लिया था. आज फिल्म की सफलता से ख़ुशी हो रही है. फिल्म ने सौ करोड़ से अधिक का कारोबार कर लिया है, हमारे लिए यह गर्व की बात है.''
फिल्मो में बैक ग्राउंड संगीत के बदलते परिदृश्य के बारे में राजू सिंह की राय बड़ी अहम है ''अगर आप देखें तो पहले की फिल्मो के बैक ग्राउंड म्यूजिक बहुत पोपुलर होते थे, उसकी एक वजह यह थी कि जो संगीतकार फिल्म के गाने क्रिएट करता था वही उसका बैक ग्राउंड संगीत भी देता था. संगीतकार को पता रहता है कि वह फिल्म के गाने या इसकी धुनों को कहाँ किस सिचुएशन में इस्तेमाल कर सकता है. मैं भी बैक ग्राउंड म्यूजिक देते समय इस बात का ध्यान रखता हूँ कि दर्शकों को ये न पता चले कि इसका म्यूजिक किसी और ने कम्पोज किया है जबकि इसका बैक ग्राउंड म्यूजिक अलग है क्योंकि मैं कहीं कहीं गाने की धुनों को भी इस्तेमाल करता हूँ.''
फिल्म के गानों के कम्पोजर के रूप में भी राजू सिंह ने काम किया है लेकिन इतना कम क्यों? वह इसकी वजह बताते हुए कहते हैं ''जी हाँ, मैंने बहुत कम गाने कम्पोज़ किये हैं. बतौर संगीतकार मेरी पिछली फिल्म 'राज़ २' थी जिसका गाना 'सोनियो' बेहद लोकप्रिय हुआ था.बैक ग्राउंड संगीत के लिए मैं इतना समय दे देता हूँ कि मुझे कम्पोजर के रूप में काम करने का वक्त ही नहीं मिलता लेकिन बैक ग्राउंड कम्पोजर के रूप में मैं अपने काम को एन्जॉय कर रहा हूँ और निर्माता निर्देशक को मेरी इस क्वालिटी पर बड़ा भरोसा है.''
राजू सिंह १४० फिल्मे अब तक बतौर बैक ग्राउंड संगीतकार के रूप में कर चुके हैं जबकि १२-१३ फिल्मे म्यूजिक डायरेक्टर के रुप में कर चुके हैं. उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स हैं सनी देओल की फिल्म 'पल पल दिल के पास', महेश भट्ट की ' सड़क २' और मोहित सूरी की 'मलंग'.

डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर नोबेल अवार्ड


 सनी शाह जो इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कौंसिल के फाउंडर हैं ,इन्होने चौथा डॉक्टर बाबसाहेब आंबेडकर नोबेल अवार्ड जुहू के सी प्रिंसेस में आयोजित किया जहाँ भारत के हर राज्य से लोगों को आमंत्रित किया गया .इस अवार्ड में फिल्म जगत ,डॉक्टर ,वकील ,पत्रकार ,न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर ,संगीत , बिजनेसमैन ,समाज सेवक ,मंत्री ,सोशल वर्कर और  कई क्षेत्रों से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया।  इस साल पदमश्री अनूप जलोटा, जसलीन मथारु ,एकता जैन , निकिता रावल , ब्राईट के योगेश लखानी , जॉनी लीवर और कई जानेमाने मेहमानो को सम्मानित किया गया। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कौंसिल में ३१००० से ज़्यादा लोग पुरे भारत में जुड़े हुए हैं। ये संस्था सोशल काम करती है। मीडिया में आजतक के अमित त्यागी , एन डी टीवी इंडिया के इक़बाल परवेज़ ,इंडिया न्यूज़ के अभिषेक शर्मा और डिजिटल सुकून के सुधांशु कुमार को अवार्ड से सम्मानित किया गया।जॉनी लीवर ने आज के ज़माने में लोगों की ज़िन्दगी में मोबाइल से जुड़ा जोक सुनाया।  









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Monday, 11 June 2018

इन्क्रेडिबल्स 2 पूरे परिवार के साथ देखी जाने वाली फिल्म है - काजोल


जब ये इन्क्रेडिबल्स 2 की डबिंग का ऑफर आया तो आपने क्यों 'हाँकहा ?
मैं सुपर पावर्स की बहुत बड़ी फैन हूँजब इसका ऑफर आया की मुझे एक सुपर पावर से लैश महिला के लिए डब करना है तो मैंने 'हाँकह दिया.
कितनी डिफरेंट है आपकी इन्क्रेडिबल्स 2 फॅमिली ?
मेरी फॅमिली इन्क्रेडिबल्स 2 हैइस परिवार के सभी मेंबर्स के पास एक एक सुपर पावर है , और असल जिंदगी में भी हम सबके पास एक एक जरूर सुपर पावर हैजो हरेक इंसान कीखूबी होती है

फिल्म के बारे में बताएं ?
यह एक अलग तरह की फिल्म हैजैसा की डिज्नी की फिल्में होती हैंइस फिल्म को आप अपने परिवार के हरेक सदस्य के साथ देख सकते हैंमजेदार होने के साथ साथ एक्शन सेभरपूर भी हैइसमें अलग लाग तरह के किरदार हैं और उनके रिश्तों को दिखाया गया है

कैसी है ये हेलेन , जिसकी डबिंग आपने की है ?
वो काफी अलग महिला हैऔर टिपिकल माँ जैसे होती हैंवो भी बात बात पर घर में क्या हो रहा है , इसका 
पता लगाने की कोशिश करती रहती हैउसे फ़िक्र रहती है कि  उसका बच्चे ने खाना खाया है कि नहींकाफी मजेदार होने के साथ - साथ मैसेज भी हैहेलेन बात बहुत करती हैभागते -दौड़ते हुए भी वो बातचीत करती ही रहती है,उसके तीन बच्चे हैं जो पूरे टाइम उसको व्यस्त रखते हैं

इनक्रेडिबल शब्द आते ही कौन याद आता है ?
मुझे लगता है इनक्रेडिबल महिलाएं होती हैंपूरे विश्व में हरेक महिला इन्क्रेडिबल हैसब सुपर वीमेन हैं

क्या ये फिल्में बच्चों के लिए ही होती हैं ?
नहीं नहींजितनी भी एनिमेटेड फिल्में होती हैं वो हरेक उम्र के लोगों के लिए बनायी जाती हैमैं भी देख 

सकती हूँ और मेरा बेटा युग भी ऐसी फिल्मों को एन्जॉय कर सकता हैसबको बाँध के रखती है

क्यों देखनी चाहिए ये फिल्म ?
बच्चों के हॉलिडे चल रहे हैंमेरे भी बच्चों की छुट्टियां हैंपूरे परिवार के साथ ऐसे समय में यह फिल्म देखी जा सकती है

ऐसी और भी फिल्मों में डबिंग करेंगी ?
हाँक्यों नहींअगर ऐसा कुछ आता है तो जरूर करना चाहूंगी

आपके परिवार का क्या रिस्पॉन्स रहा ?
दोनों बच्चे काफी उत्साहित हैंउन्होंने इसका पहला हिस्सा देखा हैतो उन्हें अब इन्क्रेडिबल्स 2 के रीलिज होने का इन्तजार है